Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi 500 Words Essay

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध Swachh Bharat Abhiyan Essay Mission in Hindi PDF Download करें

Featured Image Source – Wikimedia

स्वच्छ भारत अभियान क्या है ? What is Swachh Bharat Abhiyan?

स्वच्छ भारत अभियान को क्लीन इंडिया मिशन (Clean India Mission) या क्लीन इंडिया ड्राइव या स्वच्छ भारत अभियान भी कहा जाता है। यह एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जो भारत सरकार द्वारा सभी पिछड़े बैधानिक कस्बों और साथ ही शहरों को साफ करने के लिए चलाया जा रहा है।

इस अभियान में शौचालयों का निर्माण करवाना, ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, सड़कों की सफाई करना और देश का नेतृत्व करने के लिए देश के बुनियादी ढांचे को बदलना शामिल है। यह अभियान आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 में महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर राजघाट, नई दिल्ली में शुरू किया था।

2017 स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध Swachh Bharat Abhiyan Essay Mission in Hindi PDF Download Video

स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता क्यों है? Why Swachh Bharat Abhiyan is Important?

भारत में स्वच्छ भारत अभियान लगातार चलाने की आवश्यकता है जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाये। भारत के लोगों के लिए यह बहुत ही आवश्यक है कि वह भावनातमक शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से अच्छा महसूस करें। वास्तविक मायने में भारत में रहन सहन की स्थिति अग्रिम बनाना जरूरी है, जो कि स्वच्छता लाकर शुरू की जा सकती है।

नीचे कुछ बिंदुओं का उल्लेख किया गया है जो भारत में स्वच्छ भारत अभियान की जरूरी आवश्यकता को साबित करता है: Some Important Points

भारत में खुले शौच को खत्म करना और साथ ही हर किसी को शौचालय सुविधा उपलब्ध कराना वास्तव में बहुत ही आवश्यक है।
भारत में शौचालयों को फ्लशिंग शौचालयों में परिवर्तित करने की आवश्यकता है। मैनुअल स्केवेंजिंग सिस्टम को समाप्त करना आवश्यक है।

सभी बर्बाद चीजें वैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा ठोस अपशिष्टों के रीसाइक्लिंग के माध्यम से पुन: उपयोग लायक बनाना आवश्यक है। अपशिष्ट प्रबंधन को लागू करना चाहिए।

भारतीय लोगो में व्यवहारिक बदलाव लाने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ स्वच्छता के तरीकों के अभ्यास किया जाना चाहिए।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता के रहने के लिए वैश्विक जागरूकता पैदा करना है और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए बनाया गया है।

यह बर्बाद चीजों को स्थानीय स्तर पर अपशिष्ट निपटान प्रणाली को डिजाइन, निष्पादित और संचालित करने में मदद करता है।
यह भारत में स्वच्छता की सुविधा विकसित करने के लिए निजी क्षेत्रों की भागीदारी को शामिल करने के लिए शुरू किया गया है।
यह अभियान भारत को स्वच्छ और हरा भरा बनाने के लिए शुरू किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना आवश्यक है। यह स्वास्थ्य शिक्षा जैसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समुदायों और पंचायती राज संस्थानों को प्रेरित करके स्थायी स्वच्छता को लाने के लिए शुरू किया गया है।
यह वास्तव में बापू का सपना सच साबित करने के लिए है।

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान Swachh Bharat Abhiyan in Cities

शहरी क्षेत्रों के स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य लगभग 1।04 करोड़ परिवारों को और 2।6 लाख सार्वजनिक शौचालय और साथ ही साथ 2।5 लाख समुदाय शौचालयों को प्रत्येक शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ उपलब्ध कराने का है।

आवासीय क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करने की योजना बनाई गई है जहां व्यक्तिगत घरों के शौचालयों की उपलब्धता मुश्किल है बस स्टेशनों, पर्यटन स्थल, रेलवे स्टेशन, बाजार आदि सहित निर्दिष्ट स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाये जा रहे हैं।

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रम में लगभग 4,401 कस्बों को 2019 तक पांच वर्षों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। कार्यक्रमों की लागत ठोस कचरा प्रबंधन पर 7,366 करोड़ रुपये, सार्वजनिक जागरूकता पर 1,828 करोड़, सामुदायिक शौचालयों पर 655 करोड़ रुपये, व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों पर 4,165 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गयी है।

कार्यक्रम जिन्हें पूरा करने के लिए लक्षित किया गया है, वह हैं खुले में शौचालय को पूरी तरह से हटाना, गंदे शौचालयों को फ्लश शौचालयों में परिवर्तित करना, मैनुअल स्केवेन्गिंग को समाप्त करना, सार्वजनिक रूप से व्यवहारिक परिवर्तन लाने, और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन लाना आदि।

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन Gramin Swachh Bharat Abhiyan Mission

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रमों को लागू करने वाला मिशन है। इससे पहले निर्मल भारत अभियान (जिसे कुल स्वच्छता अभियान भी कहा जाता है, टीएससी) 1999 में भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को साफ करने के लिए स्थापित किया था, लेकिन अब इसे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में पुनर्गठन किया गया है।

इस अभियान का लक्ष्य है कि 2019 तक ग्रामीण क्षेत्रों को खुले शौचालय से मुक्त किया जा सके, जिसके लिए देश में 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रूपए लागत अनुमान लगाया गया। यह कचरे को जैव उर्वरक और उपयोगी ऊर्जा रूपों में परिवर्तित करने की एक बड़ी योजना है। इस अभियान में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की भागीदारी भी शामिल है।

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य हैं

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना। 2019 तक स्वच्छ भारत को पूरा करने के लिए और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करना। आवश्यक टिकाऊ स्वच्छता सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय कार्यरत निकायों (जैसे कि समुदायों, पंचायती राज संस्थानों आदि) को प्रेरित करना।

ग्रामीण इलाकों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समुदाय द्वारा अग्रिम पर्यावरणीय स्वच्छता प्रणालियों का प्रबंध करना। ग्रामीण क्षेत्रों में पारिस्थितिक रूप से सुरक्षित और स्थायी स्वच्छता को बढ़ावा देना।

स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय अभियान Swachh Bharat Abhiyan in School

स्वच्छ भारत स्वास्थ्य विद्यालय अभियान केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है, जिसमें स्कूलों में स्वच्छता मुख्य उद्देश्य हैं। इसके तहत एक बड़ा कार्यक्रम 25 सितंबर 2014 से 31 अक्टूबर 2014 तक केन्द्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालय संघों में आयोजित किया गया था, जहां कई स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं, जैसे छात्रों द्वारा स्कूल विधानसभा में विभिन्न सफाई पहलुओं पर चर्चा, स्वच्छता और स्वच्छता के विषयों पर महात्मा गाँधी की शिक्षाएं पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं, रसोई शेड स्टोर, खेल के मैदानों, उद्यान, शौचालयों, पेंट्री क्षेत्रों, आदि में स्वच्छता और स्वच्छता के विषयों से संबंधित , स्कूल क्षेत्र में सफाई पर योगदान पर भाषण स्वच्छता और स्वच्छता पर अन्य कई गतिविधियों सहित स्वच्छ लोगों से संबंधित निबंध लेखन, प्रतियोगिता, बहस, कला, पेंटिंग, फिल्म, शो, भूमिका, को शामिल किया गया है।

सप्ताह में दो बार विद्यालयों में आधे घंटे की सफाई अभियान आयोजित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें शिक्षकों, छात्रों, माता-पिता और सामुदायिक सदस्यों द्वारा सफाई गतिविधियों को शामिल किया गया है।

स्वच्छ भारत उपकर: भारत में सभी सेवाओं पर स्वच्छ भारत 5% सेवा कर है। यह स्वच्छ भारत अभियान के लिए प्रत्येक भारतीय नागरिक से कुछ फंड एकत्र करने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था ताकि इसे सफल अभियान बनाया जा सके। प्रत्येक व्यक्ति को इस स्वच्छता अभियान के लिए प्रत्येक 100 रुपये के लिए अतिरिक्त 50 पैसे सेवा कर देना होगा।

उत्तर प्रदेश में एक और सफाई की पहल

मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) ने स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी कार्यालयों में चबाने वाला पान, पान मसाला, गुटका और अन्य तम्बाकू उत्पादों (विशेषकर ड्यूटी के घंटों में) पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने सेक्रेटरीयेट एनेक्स इमारत में अपनी पहली यात्रा के बाद इस पहल की शुरुआत की, जब उन्होंने दाग वाली दीवारों और कोनों को देखा।

यह भारत के उन्नति की ओर एक अभूत बड़ा कदम है जो जरूर भारत को बहुत आगे ले कर जायेगा।  जितना हो सके इस पोस्ट को शेयर करें और भारत को आगे ले जाने में अपना योगदान दें।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi – स्वच्छ भारत अभियान को Clean India Mission जा India Drive के नाम से भी पुकारा जाता है। यह एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जो के भारत सरकार के द्वारा देश के सभी पिछड़े क्षेत्रों को साफ़ रखने के मकसद से शुरू किया गया है।

इस अभियान के तहत शौचयालों का निर्माण करना , ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना , सड़कों की सफाई रखना शामिल हैं। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा महात्मा गांधी जी की 145 जयंती पर शुरू किया था। मोदी जी के द्वारा भारत के लोगों से इस मिशन में हिस्सा लेने और दुनिया के सबसे अच्छे और स्वच्छ देश के रूप में इसे बनाने का संदेश दिया गया था।

इस अभियान को सबसे पहले नरेंद्र मोदी जी ने एक सड़क को साफ़ कर स्वंय शुरू किया था। इस अभियान के शुरू -शुरू में लगभग 30 लाख सरकारी कर्मचारी और कॉलेज के छात्रों ने हिस्सा लिया था। इस मिशन के शुरुयात में मोदी जी ने अपने अपने क्षेत्रों में 9 प्रसिद्ध व्यक्ति नियुक्त किये थे जिनमें से सचिन तेंदुलकर और बाबा रामदेव प्रमुख हैं इसके इलावा मोदी जी ने इन्टरनेट के माध्यम से भी लोगों को स्वच्छता के वीडियोस अपलोड करने की सलाह दी ताकि इस संदेश के माध्यम से लोगों को एक साथ मिलकर सफाई का काम करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

उन्होंने ये भी निवेदन किया के हर भारती को इस अभियान को एक चौनोती के रूप में लेना चाहिए और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी तरफ से पूरी कोशिश करें।

इस अभियान का मुख्य उदेश्य सन 2019 तक गाँवों और शहरों में खुले में होने वाले शौच से मुक्ति दिलाना है जिसके लिए 11 करोड़ 11 लाख शौचालों के लिए एक लाख 30 हज़ार करोड़ रूपये की लागत का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके इलावा हमारे आस -पास के क्षेत्र में फ़ैल रही गंदगी को दूर करना है।

स्वच्छ भारत (Swachh Bharat) अभियान का सपना हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के द्वारा देखा गया था सफाई को लेकर गांधी जी ने कहा था के स्वतंत्रता से ज्यादा स्वच्छता जरूरी है उनका मानना था के निर्मलता और स्वच्छता दोनों ही स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए जरूरी हैं।

ये अभियान भारत को स्वच्छ , सुंदर और विकसित देश बनाने का उदेश्य रखता है।

इसीलिए दोस्तों अब हमारा भी कर्तव्य बनता है के गंदगी को दूर कर के अपने भारत माता की सेवा करें। इसीलिए हमें एक जुट होकर इस अभियान से जुड़ना है और इस पोस्ट को अपने मित्रों और रिश्तेदारों के साथ सांझा करें ताकि उन्हें भी इस अभियान के बारे में पता चल सके।

Swachh Bharat Abhiyan Essay 300 words in Hindi

स्वच्छ भारत मिशन भारती सरकार का एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत देश की गलियों , सड़कों और सरंचनात्मक ढाँचे के लिए देश भर के 4041 शहरों और कस्वों को इस योजना के अधीन लिया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य 2 अक्टूबर 2019 तक इस को पूरा कर दिखाना है। इस अभियान के लिए 62009 करोड़ रूपए का अनुमान लगाया जा रहा है।

132 करोड़ की आबादी वाले देश को ज्यादातर गंदे परिवेश का सामना करना पड़ता है जिसके कारण मलेरिया , डेंगू , डायरिया , पीलिया आदि जैसी जानलेवा बीमारियाँ होती हैं स्वच्छ भारत अभियान इस समय पर बेहद कारगर साबित होगा इससे खतरनाक बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है।

इसके इलावा इस मिशन का लक्ष्य व्यक्तिगत घरेलू शौचालय , क्लस्टर शौचालय और समुदायक शौचालय बनाकर राष्ट्र को 2019 तक खुले में शौच से मुक्त करना है। इस अभियान के अंतर्गत साफ़ -सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य से सबंधित आम जनता को जागरूक करना है।

यह योजना स्वच्छता सुविधाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए समाजिक जिम्मेदारी के एक हिस्से के तौर पर निजी क्षेत्रों को शामिल करने का बढ़ावा देता है इसके इलावा देश भर के सभी गांवों में पाइपलाइन बिछाना ताकि सभी घरों में जल पहुँचाया जा सके।

इस मिशन के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सफाई रखना , खुले में शौच से मुक्ति , ठोस और तरल कचरे का पुन: उपयोग , लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करना और अच्छी आदतों के लिए उत्साहित करना , शहरी और ग्रामीण इलाकों में सफाई की व्यवस्था को अनुकूल बनाना।

स्वच्छ भारत अभियान एक बड़ी ही कारगर योजना साबित होगी जिसके जरिये लोग स्वच्छता के महत्व को अच्छी तरह से समझ पाएंगे जिसके साथ ही भारत एक सुंदर और स्वच्छ देश बन जाएगा , अभी ये पूरी तरह से स्वच्छ बना तो नहीं किन्तु यदि देश के नागरिक इस अभियान को एक जिम्मेदारी के रूप में लेते हैं तो इस अभियान को पूरा होने में कोई नहीं रोक सकता।

Essay on Swachh Bharat Abhiyan (Yojna) Essay 3 in 350 words

स्वच्छ भारत अभियान एक ऐसा अभियान है जिसके द्वारा देश को स्वच्छ बनाने पर जोर दिया जाएगा और हर प्रकार की गंदगी से देश को मुक्त किया जाएगा। इस अभियान की शुरुयात महात्मा गांधी की 145 वर्षगांठ पर हुई थी , ये अभियान राजनितिक तौर पर  मुक्त मिशन है , जो सिर्फ देश के कल्याण पर जोर देता है। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा भारत की जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।

इस अभियान के शुरुआती समय में 9 लोगों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया था यह लोगों की श्रृंखला एक पेड़ की श्रृंखला के सामान है जिससे लोग इस अभियान के साथ ज्यादा से ज्यादा जुड़ेंगे।

मोदी जी का मानना है के यदि हम इस अभियान को पूरा कर दिखाते हैं तो ये हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए एक बहुत बड़ी श्रद्धांजलि होगी , जिस प्रकार भारतीय लोगों ने एक जुट होकर भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया था उसी प्रकार अब भी हमें एक होने की सख्त जरूरत है और यदि इस अभियान के लिए प्रति वर्ष देश का हर नागरिक अपने कीमती समय में 100 घंटे भी सफाई के लिए निकालता है तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा भारत स्वच्छ और खुशहाल बन जाएगा।

भारत में गंदगी बहुत अधिक होने की वजय से देश के हर नागरिक को सालाना 6000 रुपयों का नुक्सान होता है , इसकी बड़ी वजय ये है के हम कहीं भी कूड़ा फेंक देते हैं और हम अपने घरों को तो साफ़ रखना चाहते हैं किन्तु आस -पास के क्षेत्रों में हम बिना किसी जिझाक के कूड़ा फेंक देते हैं और हम हमेशा इसी बात से अनजान रहते हैं के यदि घर के साथ साथ बाहर की सफाई नहीं होगी तब तक हम बीमारियों से छुटकारा नहीं पा सकते।

स्वच्छ भारत की ये योजना न केवल भारती सरकार का एक सार्थिक प्रयास है बल्कि सभी भारती नागरिकों की एक बड़ी जिम्मेदारी भी है , इसीलिए जब देश की आम जनता भी इस अभियान में सहयोग देने लगेगी तो इस अभियान को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi 500 Words

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतुत्व में 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान को शुरू किया गया इस अभियान का उदेश्य 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाने का है। इस अभियान का मुख्य कार्य गाँव और शहरों में खुले में होने वाले शौच को पूरी तरह से खत्म करना है क्योंकि खुले में शौच करने से कई प्रकार की बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है और सरकार को हर वर्ष इन्ही बिमारियों पर करोड़ों रूपए खर्च करने पड़ते हैं। ऐसी  जगह जिन घरों में शौचालय नहीं वहां शौचालयों का निर्माण कराना है , कूड़ा कर्कट को इकठ्ठा करना और लोगों को सफ़ाई रखने के लिए प्रेरित करना है।

भारत में आज भी खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खुले में शौच जाते है, खुले में कूड़ा कर्कट को फेंक दिया जाता है जिस वजय से हमारा वातावरण प्रदूषित हो रहा है और बहुत सी बीमारियाँ फ़ैल रहीं हैं इस अभियान के तहत सरकार ज्यादातर गांवों की तरफ ज्यादा ध्यान दे रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत सफाई के मामले में 100 स्थान पर है।

फिलहाल इस अभियान की सफलता की बात करें तो यह अभियान कहीं कहीं बहुत बढिया से चल रहा है पिछले 3 वर्षों में देश के पिछड़े इलाकों के कई गाँव खुले में होने वाले शौच से बिल्कुल ही मुक्त हो गए हैं। सरकार घरों में शौचालय बनाने के लिए लोगों को सबसिटी दे रही है इस अभियान के अनुसार वर्ष 2019 तक लगभग 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण करना है।

अगर इस अभियान की बात करें तो यह घरेलू कचरा , प्रदूषण , प्लास्टिक वेस्ट आदि से देश को मुक्त कराना है। इसीलिए इस अभियान को पूरा करने के लिए सरकार को ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक को इसके साथ जुड़ना होगा केवल अपने घर की सफाई करना ही काफी नहीं है इसके लिए आपको अपने घर के पास की जगह को भी साफ़ रखना होगा , इसके लिए आप कुछ आसान से टिप्स फॉलो कर , इस अभियान में अपना योगदान दे सकते हैं। जैसे के अपने आस -पास का कचरा डस्टबिन में फेंके , प्लास्टिक के लिफाफों का प्रयोग बंद कर दें समान खरीदने जाना हो तो अपने साथ बैग लेकर जाएं और अपने आस पास के लोगों को इस के लिए प्रेरित करें

दोस्तों जैसा के हम सब जानते हैं के यदि साफ़ सफाई होगी तो हमारा समाज बीमारियों से दूर होगा और यदि समाज बीमारियों से दूर होगा तभी ख़ुशहाल भारत का निर्माण होगा। इसीलिए भारत का नागरिक होने के नाते हम सब का ये कर्तव्य बनता है के हम इस अभियान से जुड़ें और अपने आस-पास की सफाई रखें और दूसरों को इसके प्रेरित करें उन्हें इसका महत्व समझाएं।

स्वच्छ भारत अभियान पर नारे ; Slogans on Swachh Bharat Mission
  1. स्वच्छ भारत स्वास्थ्य भारत
  1. स्वच्छता को अपनाना है , बिमारी को दूर भगाना है।
  1. देश में विकास आएगा जब देश का हर नागरिक स्वच्छता अपनाएगा।
  1. यदि समाज में खुशियाँ लाना है तो स्वच्छता को अपनाना है।
  1. अब सबकी बस एक ही पुकार मेरा भारत हो स्वच्छ मेरे यार।
  1. हम सबका वस् यहीं सपना स्वच्छ भारत हो अपना।
  1. स्वच्छता अपनाओ अपने घर को सुंदर बनाओ।

Essay on Swachh Bharat Abhiyan in 800 Hindi

स्वच्छ भारत मिशन बड़े पैमाने का एक सफाई अभियान है जिसका लक्ष्य 2019 तक भारत को साफ़ सुथरा और खुशहाल बनाना है। इस अभियान में देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को प्रेरणा का बड़ा श्रोत बनाया।

शहरी क्षेत्रों में इस अभियान का लक्ष्य

1.04 करोड़ परिवारों के लिए 2.5 लाख शौचालयों का निर्माण और 2.6 समुदायक शौचालयों का निर्माण करना है और इसमें ठोस कचरा की लागत 7365 करोड़ रूपए है , 1828 करोड़ रूपए जागरूक करने के उद्देश्य के लिए खर्चे जाएंगे। इस कार्यक्रम के तहत घरेलू शौचालयों का निर्माण करना अस्वच्छ शौचालयों को स्वच्छ शौचालयों में परिवर्तित करना , नगरपालिका ठोस कचरा का निपटारा करना , शहरी लोगों की स्वच्छता के प्रति सोच को बदलना।

गांव स्वच्छ भारत अभियान

गांवों में स्वच्छता को कायम बनाने के लिए सरकार द्वारा निर्मल भारत अभियान की शुरुयात की गयी थी किन्तु अब इसे स्वच्छ भारत अभियान का सम्पूर्ण रूप दे दिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित किया जा सके। इसका उद्देश्य ग्रामीण लोगों को खुले में शौच से मुक्त कराना है इसके लिए सरकार द्वारा 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए 1 लाख 34 हज़ार करोड़ की राशि खर्च करने की घोषणा की गयी है। इसके इलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साफ सफाई के प्रति उन्हें जागरूक करना और ठोस कूड़ा कर्कट का निपटारा करना आदि प्रमुख्य उद्देश्य हैं।

इस अभियान का सीधा सबंध साफ़ सफाई से है सफाई न होने से अनेक संक्रामक बीमारियाँ फ़ैल जाती हैं , डायरिया , मलेरिया , कालरा जैसी कई बीमारियां गंदगी से ही फैलती हैं इसीलिए साफ़ सफाई रखकर ही इन बिमारियों को दूर रखा जा सकता है।

हर घर में टॉयलेट जरूर होना चाहिए और इनकी समय सिर सफाई बेहद जरूरी है इसके इलाबा फलों और सब्जियों का सेवन करते वक्त इन्हें अच्छी तरह से धोकर ही खाना जा पकाना चाहिए। खाने की चीज़ों को ढक कर रखें। ऐसी जगह यहां गंदगी फैलती रहती है वहां बिमारियों के फैलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

नरेंद्र मोदी जी के इस अभियान का उद्देश्य एक बड़ा कदम हो सकता है स्वच्छता किसी पर थोपा जाने वाला कार्य नहीं है जो किसी पर दबाव डालकर कराया जाए अच्छी सेहत के लिए हर प्रकार की स्वच्छता जरूरी है इसीलिए स्वच्छता के पूर्व हर एक को इसके महत्व के बारे में पता होना चाहिए।

स्वच्छ भारत अभियान के आंकड़े – 

  • इस योजना की लागत – 196009 करोड़ रूपए।
  • 62009 करोड़ रूपए की राशि शहरी इलाकों के लिए तय की गयी है
  • 2015 तक 2 करोड़ शौचालयों का लक्ष्य
  • 5 वर्षों में 11.11 करोड़ शौचालयों को बनाने में एक लाख चौतींस हजार करोड़ रूपए का खर्च आएगा
  • 2019 तक 1.04 करोड़ परिवारों के लिए टॉयलेटो का लक्ष्य
  • 2019 तक 4041 शहरों में ठोस कचरा के निपटारे के लिए

प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों को स्वच्छता से स्वास्थ्य की एहमियत को समझाते हुए हर देशवासी से इसे अपनाने की अपील की थी उनके इस कदम से स्वच्छता जैसा उपेक्षित विषय अचानक राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। इससे देश का हर नागरिक हाथ में झाड़ू लेकर सफाई अभियान से जुड़ गया।

इस अभियान से जुड़ने के बाद लोग अपने घर , मोहल्ले , कस्बे और शहर की सफाई करने में जुट गए हैं , इस अभियान ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया है और इस अभियान की पहली रिपोर्ट में देश का सबसे साफ़ सुथरा शहर कर्नाटक के मैसूर शहर को मिला है। दरअसल इस अभियान का मकसद शहर की गलियों , सडकों को साफ़ रखना था जिसमें मैसूर सफाई के मामले में सबसे आगे रहा। इस अभियान के दो वर्षों तक मैसूर को दूसरी बार साफ़ सुथरा शहर होने का दर्जा हासिल हुआ।

विद्यालय स्वच्छ भारत अभियान

सरकार द्वारा 25 दिसम्बर 2014 को स्वच्छ भारत कोष आरंभ किया  गया इस से प्राप्त धन को विद्दायलों में शौचालयों के निर्माण के लिए लगाया जाएगा जिस से पूरे देश में साफ़ सफाई के स्तर को सुधारने में काफी सहायता मिलेगी।

  • स्कूल में पौधों की संभाल करना।
  • कक्षा , प्रयोगशाला और पुस्तकालयों की सफाई रखना।
  • खेल के मैदान की सफाई करना।
  • टॉयलेट और पीने लायक पानी का प्रबंध करना।

यदि साफ़ सफाई की बात करें तो इसकी शुरुयात हमें खुद से करनी होगी दूसरों के सहारे रहना के यह कार्य तो दूसरा करेगा तभी में करूंगा यह गलत मानसिकता है। यह हमें ध्यान में रखना होगा के दुसरे आपके कहने पर नहीं चलेंगे क्योंकि हर व्यक्ति के सोचने का अपना अपना नजरिया होता है। आप किसी को कोई काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हां उसे प्रेरित जरूर कर सकते हैं , साफ़ सफाई किसे अच्छी नहीं लगती हर कोई चाहता है के उसका घर भी साफ सुथरा लगे इसीलिए हमें सबसे प्रथम खुद से ही शुरुयात करनी होगी।

***********************************

Swachh Bharat Abhiyan Essays in 250 words

स्वच्छता से समाज को बिमारियों से दूर रखा जा सकता है यह तभी हो सकता है जब हर कोई स्वच्छता को अपनाए इसीलिए मोदी जी के द्वारा भारत में स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया जिससे भारत में फैली हर प्रकार की गंदगी को दूर किया जा सके और गांधी जी के सपने को साकार किया जा सके। इस अभियान के तहत देशभर के लोगों को सफाई के प्रति हर तरीके से जागरूक किया जा रहा है ता जो देश का हर नागरिक इस अभियान से जुड़ सके और वह अपने घर के इलावा भी बाहर की साफ़ सफाई की तरफ ध्यान देने लगे।

इस अभियान पर करोड़ों की राशि खर्च की जाएगी जो भारत सरकार द्वारा दी जाएगी इसके तहत सरकार देशभर के जिन जिन क्षेत्रों में शौचालय नहीं बने हुए हैं लोग खुले में ही शौच जाने के लिए मजबूर हैं वहां शौचालयों का निर्माण किया जाएगा और शहरों में ठोस कचरे के निपटारे के लिए राशि दी जाएगी ,आदि जैसे उदेश्यों की पूर्ती के लिए इस अभियान की शुरुयात की गयी है।

इस अभियान के कारण देश भर के बहुत सारे क्षेत्रों में साफ़ सफाई के प्रति जागरूकता फैली है , लोग साफ सफाई की तरफ ध्यान देने लगे हैं किन्तु देश में ज्यादातर अभी भी ऐसे गाँव जा शहर हैं जिन पर इस अभियान का कोई असर नहीं हुआ जिस कारण ऐसे क्षेत्रों में इस अभियान की बहुत सख्त जरूरत है ता जो लोग इस अभियान से जुड़ सकें और स्वच्छता को अपना सकें।

(Visited 8,487 times, 16 visits today)

Filed Under: Hindi EssayTagged With: jaagrukta, social awareness

Categories: 1

0 Replies to “Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi 500 Words Essay”

Leave a comment

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *